नगर पंचायत की उदासीनता का भेंट चढ रहे हैं दलित बस्ती के लोग।
बस्ती को लोगों को संक्रामक बीमारी फैलने का डर सता रहा है, जिम्मेदार कौन?
नगर पंचायत की उदासीनता का भेंट चढ रहे हैं दलित बस्ती के लोग।
जौनपुर।
प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक ने स्वच्छता को लेकर कई बार आह्वान किया, लेकिन उसका असर नगर में कहीं भी नहीं दिख रहा है। नगर पंचायत की हालात तो सबसे अधिक खराब है। अधिकारी अपने दूसरे ही कार्यो में व्यस्त हैं और इसी के चलते लोग गंदगी व बदबू से मिरदहा निवासी दलित बस्ती के लोग परेशान हैं। मुख्य रोड से लेकर नगर की गलियों में पसरी गंदगी नगर पंचायत में सफाई काम देखने वाले अधिकारियों की पोल खोल रही है। कुछ दिन पहले स्वच्छता अभियान के बाद अधिकारियों से लेकर नेताओं में फोटो खींचवाने की होड़ सी मच गई थी। नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी व कर्मचारी हाथ में झाड़ू लेकर सफाई करते नजर आए फोटो भी खूब वायरल हुई।लगा था कि इसी बहाने सफाई व्यवस्था बेहतर होगी। हालांकि ऐसा हो नहीं सका। चंद दिन बाद ही सभी ने अभियान को भुला दिया। जहां सफाई करते हुए फोटो खींचवाई, वहीं आज गंदगी के ढेर लगे हैं। लेकिन उससे भी बुरी हालत नगर पंचायत की दलित बस्ती का है। जहां लोगों के जान पर आन पड़ी है कभी भी कोई घटना घट सकती है आपको बता दे की नगर पंचायत के नाले का पानी दलित बस्ती में इस तरह घुस जाता है कि लोग अपने काम को भूल कर बच्चों को संभालने में लगे रहते हैं कहीं बच्चे किसी गड्ढे में गिर ना जाए और कोई अनहोनी घटना हो जाए तो इसका जिम्मेदार कौन होगा दलित बस्ती के लोग लगातार आवाज उठा रहे हैं, लेकिन नगर पंचायत के अधिकारियों के कानों में जूं तक नहीं रेंगी।सबसे अधिक दिक्कत नगर पंचायत के मिरदाह मोहल्ले मे हो रही है। यहां की मुख्य रोड से लेकर अंदर की रोड पर पर गंदगी ही नजर आ रही है। तथा ऐसे में व्यवस्था की अभाव में अब लोगों के खेतों मे गंदे नाले का पानी भरा हुआ है, लेकिन किसी का भी इस पर ध्यान नहीं है। जिसको लेकर दलित बस्ती के लोगों में रोस व्याप्त है।
नगर पंचायत की उदासीनता से तंग आकर लोगों ने नले को बंद कर प्रदर्शन भी करना शुरू कर दिया है। अगर नगर पंचायत में समय रहते ध्यान नहीं दिया तो संक्रामक बीमारी फैलने का भी डर नगर वासियों को सता रहा है। इस संबंध में जब अधिशासी अधिकारी डॉ संजय कुमार से बात की गई तो उन्होंने कहा कि पूरे नगर का पानी वहां नहीं जाता बल्कि कुछ जगह का जाता है और वहां ऐसी कोई बात नहीं है।

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