मडियाहू नगर पंचायत अध्यक्ष के विवादित जाति प्रमाण पत्र पर शासन से विजिलेंस की टीम गठित।
मडियाहू नगर पंचायत अध्यक्ष के विवादित जाति प्रमाण पत्र पर शासन से विजिलेंस की टीम गठित।
फर्जी जाति प्रमाण पत्र मामले में जांच अधिकारी सतर्कता प्रकोष्ठ निदेशालय पिछड़ा वर्ग कल्याण इंदिरा भवन लखनऊ वेद प्रकाश नियुक्त किए गए।
मडियाहू जौनपुर।
नगर पंचायत अध्यक्ष रुखसाना फारुकी के जाति प्रमाण पत्र को लेकर नगर पंचायत मडियाहू फिर एक बार सुर्खियों में इससे पूर्व नगर पंचायत मडियाहू नगर पंचायत में हो रहे भ्रष्टाचार के लिए सुर्खियों में रहता था , मामला फर्जी पिछड़ा जाति प्रमाण पत्र जारी कर पिछड़ी जाति का लाभ लेकर नगर पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित होने का है जिसकी शिकायत छोटेलाल गुप्त निवासी भंडारिया ओला मडियाहू जौनपुर द्वारा शासन स्तर तक किया गया तत्पश्चात जांच निदेशालय पिछड़ा कल्याण द्वारा गठित विजिलेंस टीम सतर्कता प्रकोष्ठ से कराया जा रहा है। तरह से 2022 में नगर पंचायत मडियाहू के नगरी निकाय चुनाव में पिछड़ा वर्ग समूह में पिछड़ी जाति का प्रमाण पत्र तमकुहीराज जिला कुशीनगर से बनवाकर अध्यक्ष पद हेतु चुनाव भी लड़ी गई और और दोनों चुनाव जीती भी इसके पूर्व भी जाति प्रमाण पत्र जांच हेतु कमेटी बनी थी लेकिन उसे समय साक्ष्या के अभाव में यह निर्णय लिया गया की रुखसाना के पिता जहीर अहमद मूल रूप से कुशीनगर के निवासी हैं लेकिन मामला तब तूल पकड़ लिया जब रुखसाना के पिता जहीर अहमद ने सरकारी अभिलेख में यह स्वीकार किया कि मैं जिला गोपालगंज राज्य बिहार का निवासी हूं तथा मेरी जाति शेख है। बिहार राज्य के जाति सूची में शेख जाति सामान्य वर्ग में आता है। शिकायतकर्ता का कहना है कि मडियाहू के पिछड़ा समाज का हक छीना गया है पिछड़े वर्ग के साथ अन्याय हुआ है जबकि भाजपा सरकार उत्तर प्रदेश में अनुसूचित ,अनुसूचित जनजाति, और पिछड़ा वर्ग के हक की लड़ाई लड़ती है और उन्हें यह उम्मीद है कि सुबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सरकार में पिछड़ा वर्ग का हक वापस मिलेगा और पिछड़ी जाति के साथ न्याय होगा।

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